June 26, 2026

सोमवार को गिरावट के साथ खुल सकता है भारतीय बाजार:गिफ्टी निफ्टी में 150 अंकों की कमजोरी; 8% टूटा दक्षिण कोरिया का कोस्पी

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मुहर्रम की छुट्टी के कारण आज 26 जून को भारतीय शेयर बाजार बंद हैं। लेकिन वैश्विक बाजारों में मंदी के कारण सोमवार को ये गिरावट के साथ खुल सकता है। आज दक्षिण कोरिया का बाजार कोस्पी 8% नीचे हैं और गिफ्ट निफ्टी 150 अंकों से ज्यादा टूट गया है। इससे पहले, गुरुवार को भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच मामूली बढ़त रही थी। सेंसेक्स 109 अंक (0.14%) की बढ़त के साथ 77,100 पर और निफ्टी 34 अंक (0.14%) बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ। सेंसेक्स अपने डे हाई से 703 अंक टूट गया था। विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में ₹2 हजार करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे 25 जून को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने भारतीय बाजारों से ₹384 करोड़ की नेट खरीदारी की। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी ₹5,748 करोड़ की नेट खरीदारी की है। इस साल के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो FIIs अब तक लगभग ₹3.46 लाख करोड़ के नेट सेलर्स रहे हैं, जबकि DIIs ने ₹4.57 लाख करोड़ की खरीदारी की है। नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। एशियाई बाजारों में कोस्पी 8% टूटा, निक्केई में भी 5% की गिरावट AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण ग्लोबल मार्केट्स में टेक शेयरों में बिकवाली आई है। दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी 8% तक टूट गया। इसके अलावा जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 3% गिरा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग भी नीचे हैं। अमेरिकी बाजारों में मिला जुला कारोबार, एपल का शेयर 6% टूटा डाउ जोंस में भले ही 0.14% की बढ़त रही, लेकिन टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट 0.46% गिरकर बंद हुआ। टेक कंपनी एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर नीचे आ गए। सबसे ज्यादा नुकसान एपल को हुआ, जिसके शेयर 6% टूट गए। कंपनी ने आईपैड और मैकबुक की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है, ताकि मेमोरी और स्टोरेज चिप की बढ़ती लागत की भरपाई की जा सके। इस गिरावट से एपल की मार्केट वैल्यू करीब 250 बिलियन डॉलर घट गई। अब इसका मार्केट कैप 4.04 लाख करोड़ डॉलर रह गया है। हालांकि, सेमीकंडक्टर सेक्टर से कुछ अच्छे संकेत भी मिले। माइक्रोन टेक्नोलॉजी के तिमाही नतीजे अनुमान से बेहतर रहने के बाद उसका शेयर 16% चढ़ गया। इसके साथ ही सैनडिस्क में 22% की तेजी आई। क्वालकॉम, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट जैसी कंपनियां भी बढ़त रही। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई घटेगी सप्लाई से जुड़ी चिंताएं दूर होने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से टैंकरों की आवाजाही फिर से सामान्य होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ रही है। ब्रेंट क्रूड 2% गिरकर लगभग 74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि WTI क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है। गुरुवार को ओमान के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद आई मामूली तेजी के बावजूद कच्चे तेल के दामों में गिरावट रही हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आ रही इस कमी से भारत जैसे बड़ी मात्रा में तेल आयात करने वाले देश को महंगाई कम करने में मदद मिलेगी। नॉलेज पार्ट :



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