US Secretary Rubio: Big Fan of PM Modi
वॉशिंगटन/नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
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इससे पहले ट्रम्प 2020 में भारत आए थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बयान दिया।
जब उनसे पूछा गया कि वे भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को कैसे देखते हैं, तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री मोदी और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।’
ये ट्रम्प की दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले ट्रम्प साल 2020 में अहमदाबाद में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए थे।

24 फरवरी 2020 को गुजरात के अहमदाबाद में अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी पत्नी के साथ नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

G7 में मोदी ने ट्रम्प से कहा- भारतीय नाविकों की सुरक्षा महत्वपूर्ण
फ्रांस के एवियन में 17 जून को दो दिवसीय 52वें G7 समिट का आयोजन हुआ था। मोदी और ट्रम्प भी समिट में शामिल हुए थे।
इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- जब तक मैं प्रेसिडेंट हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा। अगर भारत या मोदी पर हमला होता है और मोदी लीडर होंगे तो हम उनकी मदद करेंगे।
उन्होंने मोदी की तारीफ करते हुए कहा- जब तक मोदी लीडर हैं, इंडिया हर फील्ड में बड़ा रोल निभाएगा। मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं।
वहीं ट्रम्प के साथ द्विपक्षीय बैठक में मोदी ने कहा कि समुद्र में भारतीयों की सुरक्षा जरूरी है। उम्मीद है कि ईरान के साथ डील में भारतीयों की सुरक्षा पक्की की जाएगी।
पीएम ने कहा कि होर्मुज खुला रहना जरूरी है। मैं वेस्ट एशिया में शांति की कोशिशों में ट्रम्प की लीडरशिप की तारीफ करता हूं। ट्रम्प के नेतृत्व में शांति की उम्मीद दिख रही है।


ट्रम्प ने कहा कि पीएम मोदी शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं उनकी तरह नहीं हूं।
भारत-अमेरिका के बीच ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार
भारत और अमेरिका के बीच साल 2025 में ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार हुआ। भारत ने अमेरिका को लगभग ₹8 लाख करोड़ का सामान एक्सपोर्ट किया। वहीं अमेरिका से भारत ने लगभग ₹4.6 लाख करोड़ का सामान इंपोर्ट किया।

भारत-अमेरिका में ट्रेड डील का खाका तैयार
भारत-अमेरिका में फरवरी 2026 में एक अंतरिम व्यापार समझौता पर सहमति बनी थी। इसका मकसद लंबे समय से अटके व्यापारिक मुद्दों को सुलझाना था।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के कुछ टैरिफ को अवैध बता दिया। इसके बाद साफ नहीं हो रहा था कि कौन से टैरिफ लागू रहेंगे, कौन से नहीं। इसका असर अमेरिका-भारत के व्यापार समझौते पर पड़ा। अब तक अंतरिम व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो पाया है।
भारत-US ट्रेड डील में मुश्किलें क्या हैं

भारत चाहता है कि अमेरिका भारतीय वस्त्र, जेम्स-एंड-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग सामान, दवाइयों और कृषि उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ कम करे। वहीं अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों, डेयरी सामान, शराब, मेडिकल उपकरणों और डिजिटल कंपनियों के लिए और ज्यादा खोले।
सबसे बड़ा विवाद कृषि क्षेत्र को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि उसके मक्का, सोयाबीन, बादाम, सेब और दूसरे कृषि उत्पादों को भारत में ज्यादा पहुंच मिले। लेकिन भारत को डर है कि इससे भारत के करोड़ों किसानों पर असर पड़ सकता है।
डेयरी सेक्टर भी एक बड़ी बाधा है। अमेरिका भारत में मांसाहारी गायों का दूध और उससे बने प्रोडक्ट बेचना चाहता है, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है।
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