TVS iQube Million-R Special Edition Launch
नई दिल्ली6 मिनट पहले
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TVS मोटर कंपनी ने भारत में अपने पॉपुलर इलेक्ट्रिक स्कूटर iQube के 10 लाख (1 मिलियन) ग्राहकों का आंकड़ा पार करने की खुशी में ‘iQube मिलियन-R’ स्पेशल एडिशन लॉन्च कर दिया है। यह नया स्पेशल एडिशन iQube के 3.5kWh वेरिएंट पर बेस्ड है।
कर्नाटक में इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹1.40 लाख (PM E-ड्राइव सब्सिडी सहित) रखी गई है। यह standard iQube 3.5kWh मॉडल से महज ₹3,552 ज्यादा महंगा है।
डिजाइन और लुक: नर्दर्न लाइट्स से प्रेरित ‘अरोरा ग्रीन’ कलर
TVS iQube मिलियन-R स्पेशल एडिशन में कंपनी ने एक एक्सक्लूसिव ‘अरोरा ग्रीन’ (Aurora Green) ड्यूल-टोन कलर स्कीम पेश की है। कंपनी के मुताबिक, यह नया कलर नर्दर्न लाइट्स से प्रेरित है। स्कूटर के एक्सटीरियर पर खास नए ग्राफिक्स, प्रीमियम सीट अपहोल्स्ट्री और exclusive मिलियनR बैजिंग दी गई है।
यूटिलिटी और स्टोरेज: फ्रंट में 3.5 लीटर का नया स्टोरेज बॉक्स
कंपनी ने कॉस्मेटिक बदलावों के अलावा प्रैक्टिकल जरूरतों का ध्यान रखते हुए इसमें कुछ अहम फीचर्स जोड़े हैं।
ज्यादा स्टोरेज: इसमें नया फ्रंट यूटिलिटी स्टोरेज कंपार्टमेन्ट जोड़ा गया है। इससे स्कूटर की कुल स्टोरेज कैपेसिटी 32 लीटर से बढ़कर 35.5 लीटर हो गई है।
फास्ट चार्जिंग सपोर्ट: स्कूटर के फ्रंट में एक USB टाइप-C चार्जिंग पोर्ट भी दिया गया है।
परफॉर्मेंस और रेंज: 145km की IDC रेंज, मैकेनिकल पैकेज अनचेंज्ड
स्पेशल एडिशन में मैकेनिकल लेवल पर कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बैटरी और रेंज: यह 3.5kWh बैटरी पैक के साथ आता है, जो सिंगल चार्ज में 145km की क्लेम्ड IDC (इंडियन ड्राइविंग साइकिल) रेंज देता है।
फीचर्स: स्कूटर में standard मॉडल की तरह 118 से ज्यादा कनेक्टेड टेक्नोलॉजी फीचर्स मिलते रहेंगे।
एक्सपर्ट राय और बैकग्राउंड: 10 लाख बिक्री का माइलस्टोन हासिल
TVS iQube भारत में 10 लाख ग्राहकों का माइलस्टोन पार करने वाले चुनिंदा इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में शामिल हो गया है। इससे पहले TVS ने अपने जुपिटर (Jupiter) ब्रांड के 10 लाख ग्राहक पूरे होने पर भी इसी तरह ‘मिलियनR’ एडिशन पेश किया था। iQube के इस मुकाम को सेलिब्रेट करने के लिए कंपनी ने प्रीमियम लुक्स के साथ इस नए एडिशन को मार्केट में उतारा है।
नॉलेज बॉक्स: क्या है IDC रेंज?
IDC रेंज (Indian Driving Pattern): ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा टेस्टिंग कंडीशन में मापी गई माइलेज/रेंज होती है। असली सड़कों पर (रियल-वर्ल्ड) ट्रैफिक और राइडर के वजन के हिसाब से रेंज में थोड़ा फर्क आ सकता है।
