PhonePe Wallet Dormant Fee: ₹100 Quarterly Charges Apply
नई दिल्ली27 मिनट पहले
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डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म फोनपे अपने यूजर्स से इनएक्टिव वॉलेट के लिए मेंटेनेंस फीस वसूलने की तैयारी कर रहा है। कंपनी के नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी यूजर का PhonePe वॉलेट लगातार 365 दिनों (1 साल) तक इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तो उसे ‘डॉर्मेंट’ या इनएक्टिव मान लिया जाएगा। ऐसे वॉलेट्स से हर तिमाही ₹100 का चार्ज काटा जाएगा।
कंपनी के इस फैसले का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) और Reddit पर कड़ा विरोध हो रहा है। कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट शेयर कर बताया है कि उन्हें वॉलेट रिचार्ज करने या ट्रांजैक्शन करने के SMS मिलने शुरू हो गए हैं, ताकि वे इस पेनाल्टी से बच सकें।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स जता रहे नाराजगी
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) और रेडिट पर इस फैसले को लेकर यूजर्स ने स्क्रीनशॉट शेयर कर बताया कि उन्हें फोनपे की तरफ से SMS मिल रहे हैं, जिसमें वॉलेट रिचार्ज करने या मेंटेनेंस फीस देने की बात कही जा रही है। यूजर्स इस बात से ज्यादा परेशान हैं कि यह चार्ज सालाना न होकर तिमाही (हर 3 महीने में) के आधार पर लागू हो रहा है, जो उन्हें एक पेनल्टी की तरह लग रहा है।
बैलेंस ₹100 से कम होने पर पूरा वॉलेट खाली हो जाएगा
कंपनी की नियम और शर्तों के अनुसार, 15 दिन के नोटिस पीरियड के दौरान यूजर्स को कई बार अलर्ट भेजा जाएगा। इसके बाद भी अगर वॉलेट एक्टिव नहीं होता है, तो वॉलेट बैलेंस से फीस काट ली जाएगी।
यदि आपके वॉलेट में 100 रुपए से कम का बैलेंस है, तो कंपनी पूरी रकम काट लेगी और वॉलेट बैलेंस को माइनस में ले जाने के बजाय जीरो (0) कर देगी। इसके साथ ही फोनपे के पास अपनी फीस पॉलिसी में बदलाव करने और मौजूदा सर्विसेज पर नए चार्ज लगाने का अधिकार सुरक्षित है।

मोबिक्विक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक भी लेते हैं चार्ज
डिजिटल वॉलेट इंडस्ट्री में इनएक्टिविटी चार्ज लगाने वाली फोनपे पहली कंपनी नहीं है। इससे पहले साल 2021 में मोबिक्विक ने अपने इनएक्टिव यूजर्स पर 100 से 140 रुपए सालाना “वॉलेट मेंटेनेंस चार्ज” लगाने का ऐलान किया था। इसके अलावा एयरटेल पेमेंट्स बैंक भी अपने चार्ज शेड्यूल में इनएक्टिव वॉलेट के लिए मेंटेनेंस फीस की लिस्ट रखता है। इससे साफ है कि डिजिटल वॉलेट बिजनेस मॉडल में अब इनएक्टिविटी पेनल्टी एक सामान्य बात बनती जा रही है।
UPI के आने से घटा वॉलेट का इस्तेमाल
बाजार में UPI के तेजी से बढ़ने के कारण लोग रोजाना के पेमेंट के लिए वॉलेट का इस्तेमाल बहुत कम करते हैं। इस वजह से कई यूजर्स के वॉलेट में छोटी-मोटी रकम पड़ी रह जाती हैं।
टेक कंपनियों का तर्क है कि इन वॉलेट्स को चालू रखने के लिए उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर, कंप्लायंस (नियमों का पालन) और सिक्योरिटी पर लगातार पैसा खर्च करना पड़ता है।
इस खर्च को निकालने के लिए ही कंपनियां इनएक्टिविटी फीस वसूलती हैं। हालांकि, फोनपे के बड़े यूजर बेस और तिमाही के आधार पर ₹100 वसूलने के तरीके को यूजर्स काफी आक्रामक मान रहे हैं।
