Israel Election 2026 | PM Netanyahu Faces Challenge From Gadi Eizenkot
तेल अवीव45 मिनट पहले
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इजराइल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट से बड़ी चुनौती मिलती दिख रही है। गुरुवार को सामने आए जमान इजराइल के नए सर्वे में आइजेनकोट की विपक्षी पार्टी यशार को 25 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 21 सीटों पर सिमट सकती है।
यानी यशार ने लिकुड पर 4 सीट की बढ़त बना ली है। पिछले कुछ हफ्तों के ज्यादातर सर्वे में भी यशार आगे रही है, लेकिन अंतर बहुत कम था। कई सर्वे में लिकुड बराबरी पर थी या सिर्फ 1-2 सीट पीछे थी। नए सर्वे में यह अंतर बढ़कर 4 सीट हो गया है।

120 सीटों वाली संसद में बहुमत के लिए 61 सीटें जरूरी
यशार के सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद चुनाव के बाद सरकार बनना आसान नहीं होगा। इजराइल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और बहुमत के लिए कम से कम 61 सीटों की जरूरत होती है।
सर्वे में नेतन्याहू विरोधी दलों के ‘चेंज ब्लॉक’ को 58 सीटें मिलने का अनुमान है। यानी यह गठबंधन बहुमत से सिर्फ 3 सीट दूर नजर आ रहा है।
दूसरी ओर नेतन्याहू के समर्थक दलों को कुल 50 सीटें मिलने का अनुमान है। अरब पार्टियों को 12 सीटें मिल सकती हैं। इनमें राम पार्टी और हदाश-ताल को 6-6 सीटें मिलने का अनुमान है।
इसका मतलब है कि चुनाव से पहले किसी भी बड़े खेमे के पास सरकार बनाने लायक साफ बहुमत नहीं है।

आइजेनकोट बोले- सबसे बड़ी पार्टी के नेता को मौका मिलना चाहिए
आइजेनकोट की बढ़त के बीच नेतन्याहू विरोधी खेमे के विपक्षी नेता याइर लैपिड की पार्टी बीयाचद ने कहा है कि वह विपक्षी सरकार बनने के रास्ते में रुकावट नहीं डालेगी। लेकिन जब लैपिड से पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी आइजेनकोट को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन करेगी, तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया।
बीयाचद में लैपिड दूसरे नंबर के नेता हैं। पार्टी का नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के हाथ में है। वह खुद भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर सामने आते रहे हैं। आइजेनकोट ने इससे पहले कहा था कि अगला प्रधानमंत्री उसी व्यक्ति को होना चाहिए जो नेतन्याहू विरोधी गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी का नेता हो।
उनका यह बयान 2021 से 2022 तक प्रधानमंत्री रहे नफ्ताली बेनेट के कार्यकाल की ओर भी इशारा करता है। उस समय बेनेट की पार्टी के पास नेसेट में सिर्फ 7 सीटें थीं। इसके बावजूद गठबंधन के जरिए वह प्रधानमंत्री बने थे। इसी वजह से उनके प्रधानमंत्री बनने को लेकर उस समय काफी बहस हुई थी।

विपक्षी यशार पार्टी के नेता गादी आइजेनकोट। (फाइल फोटो)
रिपोर्ट- ईरान इजराइली नेताओं को नुकसान पहुंचा सकता है
चैनल 12 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से इजराइली नेताओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों के संकेत मिले हैं। पीएम नेतन्याहू के पास सराकरी सुरक्षा है लेकिन आइजेनकोट को फिलहाल सरकारी सुरक्षा का औपचारिक अधिकार नहीं है।
इसी वजह से आइजेनकोट की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। उनकी बढ़ती राजनीतिक ताकत के बीच भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता सामने आई है। चुनाव अभियान तेज होने के साथ इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी ‘शिन बेट’ उन्हें हथियारबंद सुरक्षा देने पर विचार कर रही है।
