June 24, 2026

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में बलोच एक्टिविस्ट महरंग बलोच को उम्रकैद, हत्या और आतंकवाद मामले में दोषी करार

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पाकिस्तान की एक अदालत ने बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलोच और उनके दो सहयोगियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। क्वेटा की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने तीनों को हत्या और आतंकवाद से जुड़े मामले में दोषी ठहराया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, महरंग बलोच, सिबगतुल्लाह और बलाच कादिर ने एक भीड़ को उकसाया था, जिसने अर्धसैनिक बल के जवान शब्बीर अहमद की हत्या कर दी थी। 33 वर्षीय महरंग बलोच बलोच यकजेहती कमेटी (BYC) की प्रमुख हैं और बलूचिस्तान में कथित जबरन गुमशुदगी के मामलों को लेकर लंबे समय से अभियान चलाती रही हैं। उन्हें पिछले साल मार्च में कई अन्य कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था। फैसले के बाद पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने इसकी समीक्षा की मांग की है। आयोग का कहना है कि मानवाधिकारों की वकालत करने वालों के साथ चरमपंथियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। वहीं बलोच यकजेहती कमेटी ने फैसले को बलोच समुदाय के खिलाफ बताया है। स्वीडिश कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भी मुकदमे की आलोचना करते हुए इसे न्याय का मजाक करार दिया है। फैसले के बाद पाकिस्तान में मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सिंगापुर की दो कंपनियों पर मजदूरों का वेतन रोकने का आरोप, 400 भारतीय-बांग्लादेशी बोले- महीनों से नहीं मिला पैसा सिंगापुर में काम कर रहे करीब 400 प्रवासी मजदूरों, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों और बांग्लादेशियों की है, ने दो कंपनियों पर वेतन नहीं देने का आरोप लगाया है। शिकायतों के बाद सिंगापुर का श्रम मंत्रालय जांच में जुट गया है, जबकि प्रवासी श्रमिकों की मदद करने वाले संगठन प्रभावित मजदूरों को भोजन और कानूनी सहायता दे रहे हैं। श्रम मंत्रालय ने सोमवार को KPA इंजीनियरिंग और SK इंडस्ट्रीज के खिलाफ जांच शुरू की थी। शुरुआत में करीब 100 मजदूरों ने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या बढ़कर करीब 400 पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों के भुगतान नहीं करने के कारण भोजन सप्लाई करने वालों ने भी कुछ दिन पहले मजदूरों को खाना देना बंद कर दिया था। इसके बाद माइग्रेंट वर्कर्स सेंटर ने 300 से ज्यादा मजदूरों को भोजन और दूसरी मदद उपलब्ध कराई। सरकार ने कहा है कि प्रभावित मजदूर नई नौकरी भी तलाश सकते हैं। वहीं श्रमिक संगठनों का कहना है कि कई मजदूर नौकरी और वर्क परमिट खोने के डर से समय पर शिकायत नहीं करते। मामले की जांच जारी है। अधिकारियों के साथ-साथ कई गैर-सरकारी संगठन भी मजदूरों की शिकायतों और कंपनियों की स्थिति की जांच कर रहे हैं। उत्तर कोरिया को अगले पांच वर्षों तक हर साल 2 युद्धपोत बनाने चाहिए: किम
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कहा है कि देश को अगले पांच वर्षों तक हर साल दो बड़े युद्धपोत बनाने चाहिए। उन्होंने मंगलवार को नए विध्वंसक युद्धपोत ‘चोए ह्योन’ के कमीशनिंग समारोह में कहा कि देश की नौसेना का आधुनिकीकरण तेज गति से आगे बढ़ेगा और इसकी परमाणु क्षमता भी मजबूत होगी। राज्य समाचार एजेंसी KCNA के मुताबिक किम ने नामपो बंदरगाह पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम 5,000 टन क्षमता वाले बहुउद्देशीय विध्वंसक युद्धपोत चोए ह्योन की तैनाती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। किम ने कहा कि अगले पांच वर्षों में हर साल इसी क्षमता के दो युद्धपोत बनाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तर कोरिया जल्द ही कांग कोन नामक एक और 5,000 टन क्षमता वाला विध्वंसक युद्धपोत तैनात करेगा। इसके अलावा 10,000 टन क्षमता वाले रणनीतिक युद्धपोतों को भी नौसेना में शामिल करने की योजना है। कांग कोन युद्धपोत पिछले वर्ष लॉन्चिंग समारोह के दौरान आंशिक रूप से पलट गया था, जिसके बाद उसकी मरम्मत की गई। किम जोंग उन ने कहा कि अब तक उत्तर कोरिया की नौसेना उसकी सैन्य शक्ति का सबसे कमजोर हिस्सा थी, लेकिन नए कार्यक्रमों के बाद इसकी क्षमता “कल्पना से परे” स्तर तक पहुंच जाएगी।



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