August 14, 2026

बदल रहा है 1.1 लाख करोड़ का बाजार:लस्सी-छाछ से को​ल्ड ड्रिंक्स पीछे, बिक्री में हुई चौगुनी ग्रोथ

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इस साल की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने देश के 1.1 लाख करोड़ रु. के सॉफ्ट ड्रिंक्स के बाजार का गणित बदल दिया है। किराना दुकानों के फ्रिज और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कोल्ड ड्रिंक्स के साथ छाछ, लस्सी और प्रोबायोटिक ड्रिंक्स जगह बना रहे हैं। यह बदलाव खासकर युवा उपभोक्ताओं और शहरी घरों में दिख रहा है, जो कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के बजाय हेल्थ और प्रोटीन-बेस्ड डेयरी बेवरेजेज को तरजीह दे रहे हैं। मदर डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्ट जयतीर्थ चारी के मुताबिक, इस सीजन लस्सी और छाछ जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स ने 40% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की है। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ही डबल-डिजिट की वृद्धि देख रहे हैं। हेरिटेज फूड्स के सीईओ श्रीदीप केसवन कहते हैं कि कंपनी के रेवेन्यू में डेयरी बेवरेजेज का योगदान तीन साल में दोगुना हो चुका है। वहीं, पराग मिल्क फूड्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षाली शाह ने बताया कि भारत की पैकेज्ड फूड और बेवरेज इंडस्ट्री 9.51 लाख करोड़ की है, जो 2030 तक 14.27 लाख करोड़ रु. की होगी। डेयरी ड्रिंक्स मार्केट 2031 तक 4.23 लाख करोड़ रु. तक पहुंचने का अनुमान है। इसीलिए कंपनी प्रोटीन, हेल्थ, वेलनेस जैसे प्रोडक्ट पर फोकस कर रही हैं। पराग के इस बिजनेस में सालाना आधार पर 109% की ग्रोथ हुई। इसी कंज्यूमर शिफ्ट को देखते हुए हमने अवतार प्रोटीन कोल्ड कॉफी लॉन्च की। 15 ग्राम प्रोटीन का पैक सुविधा और न्यूट्रिशन को साथ लाने के लिए डिजाइन किया है। मदर डेयरी प्रोबायोटिक छाछ, पुदीना छाछ जैसे नए वैरिएंट्स ~10 के एंट्री प्राइस पर ला रही है। एफएमसीजी कंपनियों के लिए नया ‘ग्रोथ इंजन’ नेस्ले, एचयूएल, टाटा कंज्यूमर और डाबर जैसी बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के लिए अब केचप, मेयोनीज के मुकाबले पीने के प्रोडक्ट्स (बेवरेजेज) सबसे बड़े ग्रोथ ड्राइवर बन गए हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर: कॉफी और हॉर्लिक्स-बूस्ट सेगमेंट में मजबूत डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई। टाटा कंज्यूमर: रेडी-टू-ड्रिंक पोर्टफोलियो में 23% का उछाल आया। डाबर: नारियल पानी का बिजनेस दोगुना हुआ और रियल जूस में 26% की ग्रोथ रही। पेप्सिको (वरुण बेवरेजेज): मार्च तिमाही की कुल वॉल्यूम सेल में लगभग 63% हिस्सा ‘लो-शुगर’ और ‘नो-शुगर’ प्रोडक्ट्स का रहा। लस्सी-छाछ की बिक्री बढ़ने की वजह टैक्स अंतर कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पर 40% तो, डेयरी बेवरेजेज पर 5% जीएसटी है। इस 35% के अंतर के कारण डेयरी कंपनियां ₹10 रु. के भी प्रोडक्ट बेच पा रही हैं। हेल्थ और न्यूट्रिशन कोविड के बाद उपभोक्ता स्वाद के साथ सेहत चाहते हैं। लस्सी-छाछ प्रोबायोटिक और लो-शुगर होने के कारण ‘हेल्दी अल्टरनेटिव’ हैं। मॉडर्न-ट्रेडिशनल हाइजेनिक पैकेजिंग के साथ कोकम, जलजीरा, आम पना और छाछ जैसे पेयों की बाजार में री-एंट्री हुई है। मार्केट ट्रेंड: कार्बोनेटेड ड्रिंक्स बनाम देसी बेवरेज कैटेगरी- मार्केट- प्रोजेक्टेड- सालाना ग्रोथ सॉफ्ट ड्रिंक्स-111.81-168.13- 4.64%
लस्सी – 5.60 – 24.57 -16.96%
छाछ – 19.33- 101.18- 18.16% (स्रोत: आईएमएआरसी। मार्केट साइज हजार करोड़ रुपए में)



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