June 26, 2026

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति ने हरिद्वार में की पूजा:सिद्धपीठ से नवंबर में होने वाले चुनाव में जीत की कामना की, पहली बार आए उत्तराखंड

0
gifmagicsite_1782470679.gif




दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा अपने भारत दौरे के दौरान आज हरिद्वार पहुंचे। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वे सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मां भगवती के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और आगामी चुनावों में अपनी सफलता की कामना की। मंदिर पहुंचने पर मंदिर प्रशासन ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने पूज्य महामंडलेश्वर से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद भी लिया। दौरे के दौरान जूमा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हरिद्वार का आध्यात्मिक वातावरण उन्हें बेहद पसंद आया है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी कई बार भारत आ चुके हैं, लेकिन हरिद्वार क्षेत्र में उनका यह पहला दौरा है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं की जमकर सराहना की। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने मंदिर का प्रसाद भी ग्रहण किया। मंदिर भ्रमण के दौरान महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी उन्हें गाइड करते नजर आए। इस दौरान कैलाशानंद गिरी ने उन्हें महामंडलेश्वर की कुर्सी पर भी बैठाया। महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में नवंबर में स्थानीय निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं, जबकि 2029 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। जैकब जूमा ने मां दक्षिण काली के समक्ष यह विशेष संकल्प लिया है कि यदि वे दोबारा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बनते हैं, तो सबसे पहले भारत आकर मां दक्षिण काली के दर्शन और पूजा करेंगे। मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच भारत और दक्षिण अफ्रीका के सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक संबंधों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसके बाद, दोपहर करीब साढ़े 3 बजे वे वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए। तस्वीरें देखिए- सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर… 1. हरिद्वार के सिद्धपीठ में जैकब जूमा ने की पूजा- दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा इन दिनों भारत के आध्यात्मिक दौरे पर हैं। उन्होंने उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंचकर प्रसिद्ध सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में मां भगवती की विशेष पूजा-अर्चना की। जूमा ने बताया कि वे पहले भी कई बार भारत (2008, 2010, 2015, 2016) आ चुके हैं, लेकिन धर्मनगरी हरिद्वार का यह उनका पहला दौरा है। मंदिर के महामंडलेश्वर ने फूलों की भव्य माला पहनाकर उनका स्वागत किया। जूमा दक्षिण अफ्रीका के एक प्रमुख विपक्षी दल के अध्यक्ष हैं। वहां इसी साल 4 नवंबर को स्थानीय निकाय चुनाव हैं और 2029 में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। जूमा ने संकल्प लिया है कि यदि वे दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो सबसे पहले फिर से हरिद्वार आकर मां काली की पूजा करेंगे। इस यात्रा के दौरान जूमा के साथ दक्षिण अफ्रीका के राजनयिक, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री वाईपी सिंह और उनके बेहद करीबी मित्र व कारोबारी अजय कुमार गुप्ता भी मौजूद रहे। 2. सहारनपुर की राशन दुकान से दक्षिण अफ्रीका के ‘किंगमेकर’ बने गुप्ता ब्रदर्स- जैकब जूमा की किस्मत को बदलने और फिर डुबाने के पीछे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं (अजय, अतुल और राजेश गुप्ता) का हाथ रहा है। गुप्ता बंधुओं के पिता शिवकुमार गुप्ता सहारनपुर के रायवाला बाजार में राशन और मसालों की दुकान चलाते थे। 1985 में पढ़ाई के बाद मंझले भाई अतुल गुप्ता दक्षिण अफ्रीका चले गए, जहां उन्हें रंगभेद के बाद व्यापार की बड़ी संभावनाएं दिखीं। बाद में उन्होंने अपने भाइयों अजय और राजेश को भी बुला लिया। 1993 में उन्होंने सहारा कंप्यूटर्स की शुरुआत की। मेहनत के दम पर यह देश की नंबर वन कंपनी बनी। इसके बाद उन्होंने कोल-गोल्ड माइनिंग, अखबार (न्यूज एज) और कई न्यूज चैनलों पर कब्जा कर अरबों का साम्राज्य खड़ा कर लिया। 3. संकट के समय जैकब जूमा की मदद और गुप्ता राज की शुरुआत- 2000 के आसपास गुप्ता ब्रदर्स और तत्कालीन उपराष्ट्रपति जैकब जूमा के बीच दोस्ती हुई। इसके बाद जूमा पर भ्रष्टाचार और गंभीर आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया और 15 साल की सजा सुनाई गई। इस बुरे वक्त में गुप्ता बंधुओं ने जैकब जूमा की 5 पत्नियों और 23 बच्चों की आर्थिक मदद की, बच्चों को नौकरियां दीं और जुमा को राष्ट्रपति बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया। 2009 में जैकब ज़ूमा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बन गए। इसके बाद देश में गुप्ता बंधुओं का परोक्ष राज शुरू हो गया। सरकारी ठेके केवल गुप्ता ब्रदर्स को मिलते, बड़े पदों पर नियुक्तियां वे तय करते और यहां तक कि सेना के एयरपोर्ट पर अपने निजी विमान उतारते थे। 4. तीन भाइयों के चक्कर में गई राष्ट्रपति की कुर्सी और फिर जेल- 2016 में तत्कालीन उप वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि गुप्ता भाइयों ने उन्हें वित्त मंत्री बनाने का सौदा किया था। इसके बाद देश में भारी बवाल मच गया। इस बेतहाशा राजनीतिक दखल और अरबों के घोटाले के आरोप के चलते दक्षिण अफ्रीका में बेहद लोकप्रिय रहे जैकब ज़ूमा को अपनी राष्ट्रपति की कुर्सी गंवानी पड़ी और उन्हें 15 महीने की जेल काटनी पड़ी। जुमा के हटते ही गुप्ता ब्रदर्स पर शिकंजा कसा। 2018 में छापेमारी के बाद तीनों भाई कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दुबई (UAE) भाग गए। हालांकि, प्रत्यर्पण संधि होने के बाद हाल ही में दो भाइयों को यूएई में गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्हें वापस दक्षिण अफ्रीका लाने की तैयारी है। राष्ट्रपति पद गंवाने और जेल जाने के बाद, अब जैकब ज़ूमा एक बार फिर अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। अभी वे अपने पुराने साथी अजय गुप्ता को साथ लेकर हरिद्वार में मां भगवती की शरण में पहुंचे हैं। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… देहरादून बॉर्डर पांवटा साहिब पर डटे 200 निहंग:SSP को दिया दो दिन का अल्टीमेटम; बोले- साथियों को छोड़ो वरना कूच करेंगे देहरादून कूच करने वाले निहंगों में से कुछ लोग अब भी पांवटा साहिब में डटे हुए हैं। मामले में हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पांवटा साहिब पहुंचकर निहंग जत्थेदारों से बातचीत की। उन्होंने उनकी मांगों और उत्तराखंड कूच को लेकर विस्तार से चर्चा की। (पढ़ें पूरी खबर)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *