August 14, 2026

इजराइल गाजा से पीछे हटेगा:हमास ने हथियार छोड़ने पर दी सहमती; ट्रम्प बोले- ये ऐतिहासिक समझौता

0
cover_1785464705514.jpg




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। ट्रम्प के मुताबिक, हमास और दूसरे सभी हथियारबंद संगठनों ने हथियार छोड़ने पर सहमति जताई है। इसके बाद इजराइली सेना भी चरणबद्ध तरीके से गाजा से पीछे हटेगी। हालांकि, अब तक न तो इजराइल और न ही हमास ने आधिकारिक तौर पर इस समझौते को मंजूरी दी है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह उनके 20-पॉइंट गाजा प्लान का सबसे अहम हिस्सा है और गाजा में स्थायी शांति व सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम की कई महीनों की कोशिशों के बाद यह समझौता हो सका। फिलिस्तीन में नई सरकार बनेगी ट्रम्प के मुताबिक समझौता कई चरणों में लागू होगा। जैसे-जैसे हमास अपने हथियार छोड़ेगा, वैसे-वैसे इजराइली सेना गाजा से हटेगी। इसके बाद एक इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स और नई फिलिस्तीनी पुलिस गाजा की सुरक्षा संभालेंगे। योजना के मुताबिक गाजा का प्रशासन संभालने वाली नई तकनीकी फिलिस्तीनी सरकार ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के साथ मिलकर काम करेगी। ट्रम्प का कहना है कि इससे गाजा फिर कभी इजराइल पर हमलों का अड्डा नहीं बन पाएगा। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसे पूरी तरह लागू करना अभी आसान नहीं होगा। हमास और दूसरे संगठनों के हथियार छोड़ने, इजराइली सेना की वापसी और नई व्यवस्था लागू होने में कई महीने लग सकते हैं। बोर्ड ऑफ पीस क्या है? ट्रम्प ने पहली बार पिछले साल सितंबर 2025 में गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पेश करते हुए इस बोर्ड का प्रस्ताव रखा था। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने करीब 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा है। पिछले हफ्ते दुनिया के नेताओं को भेजे गए न्योते में बताया गया कि इस बोर्ड की भूमिका सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर संघर्षों को सुलझाने में भी काम करेगा। भेजे गए एक मसौदा (चार्टर) में कहा है कि जो देश तीन साल से ज्यादा समय तक इस बोर्ड का सदस्य बनना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा। मध्यस्थ देशों की बड़ी भूमिका अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक मिस्र, कतर और तुर्किये ने कई महीनों तक बातचीत कराई। मिस्र की खुफिया एजेंसी के प्रमुख हसन रशीद ने मध्यस्थता में अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों का दावा है कि ईरान ने हमास को यह प्रस्ताव ठुकराने की सलाह दी थी, लेकिन आखिरकार संगठन बातचीत जारी रखने पर राजी हुआ।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed