October 14, 2026

अमेरिका-ब्रिटेन में ग्रेजुएट्स की कमाई चार साल में 10% घटी:डिग्री नहीं, स्किल टेक्नोलॉजी और एआई बदल रहे नौकरी का गणित

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अमेरिका और ब्रिटेन के नए आंकड़े बताते हैं कि नॉन-ग्रेजुएट्स के मुकाबले कॉलेज डिग्री वालों को मिलने वाला सैलरी का फायदा घट रहा है। अर्थशास्त्रियों होजे अजार, मिरेया गिने और जेवियर एस्पिन की रिसर्च के मुताबिक अमेरिका में कॉलेज ग्रेजुएट्स का वेतन प्रीमियम 4 वर्षों में लगातार गिरा है। कुल गिरावट करीब 10% है। यह 1970 के दशक के बाद पहली बड़ी गिरावट मानी जा रही है। 100 साल से भी ज्यादा समय में पहली बार ग्रेजुएट्स की मांग घट रही है। ब्रिटेन में भी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स की डिग्री वालों का फायदा कम हो रहा है। एआई खासतौर पर उन व्हाइट-कॉलर और नॉलेज-वर्क जॉब्स को बदल रहा है, जिन पर लंबे समय से ग्रेजुएट्स का दबदबा था। भारत में डिग्रीधारी बढ़े लेकिन नौकरियां नहीं अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2026 रिपोर्ट के अनुसार 2004 से 2023 के बीच युवाओं में ग्रेजुएट्स की संख्या 10% से बढ़कर 28% हो गई। लेकिन हर साल बढ़ने वाले ग्रेजुएट्स के अनुपात में नौकरियां नहीं बन रहीं। करीब 50 लाख नए ग्रेजुएट्स जॉब मार्केट में आते हैं, जबकि करीब 28 लाख जॉब पैदा होती हैं। बेरोजगार युवाओं में अब करीब दो-तिहाई ग्रेजुएट हैं। सर्वे – 70-90% एम्पलॉयर्स स्किल बेस्ड भर्ती कर रहे अमेरिका के नेशनल एसोसिएशन ऑफ कॉलेजेस एंड एम्पलाइज की रिपोर्ट में करीब 70% नियोक्ता अब स्किल्स-बेस्ड हायरिंग कर रहे हैं। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अब 90% कंपनियां डिग्री के बजाय कौशल के आधार पर भर्तियां करती हैं। 94% एम्पलॉयर्स का मानना ​​है कि स्किल बेस्ड हायरिंग डिग्री, सर्टिफिकेट या अनुभव के आधार पर हायरिंग से बेहतर है। बदलाव – कई देशों में डिग्री की जरूरत में कमी आ रही देश – कमी
यूएस – 3.9%
यूके – 1.8%
ऑस्ट्रेलिया – 1.6% (स्रोत- बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप)



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