August 15, 2026

शॉपिंग के बदलते ट्रेंड्स: कीमत, सुविधा और 'वैल्यू फॉर मनी':चाय कम, कॉफी, चॉकलेट ज्यादा पसंद; भारतीयों की थाली और बास्केट, दोनों बदल रहे

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भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद बदल रही है। एक ओर लोग चॉकलेट, कॉफी और इंस्टेंट फूड पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कीमत बढ़ने के चलते सिगरेट की खपत घटा रहे हैं। ग्रामीण बाजारों में कम दाम के दम पर कैंपा तेजी से जगह बना रही है, जबकि प्रीमियम बाजारों में कोक और पेप्सी की पकड़ बनी हुई है। सिस्टमेटिक्स रिसर्च की ‘चैनल चेक’ रिपोर्ट बताती है कि इस साल कीमत, सुविधा और ‘वैल्यू फॉर मनी’ खरीदारी के सबसे बड़े आधार बनते जा रहे हैं।
7 इंडिकेटर – उत्तर भारत में चॉकलेट की बिक्री पश्चिम और पूर्वी राज्यों के मुकाबले 4 गुना अधिक तेजी से बढ़ रही 1. 10 रुपए के बाजार में कैंपा की पकड़ मजबूत – ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में 10 रुपए वाले कोल्ड ड्रिंक सेगमेंट पर कैंपा का दबदबा बढ़ता जा रहा है। इस ब्रांड की मांग सालाना 40-50% बढ़ रही है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 6-7% तक पहुंच चुकी है। 2. प्रीमियम मार्केट में कोक-पेप्सी की डिमांड – कोका-कोला और पेप्सी की कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की मांग सालाना 10-20% की दर से बढ़ रही है। प्रीमियम मार्केट में वितरकों को इस साल कैंपा का बड़ा असर महसूस नहीं हो रहा है। 3. मैगी की डिमांड तेज, बिक्री 20% तक बढ़ी – देश में नूडल ब्रांड मैगी की डिमांड बढ़ रही है। उत्तर भारत में इसकी बिक्री 15-20% बढ़ रही है। पारंपरिक मसाला फ्लेवर के साथ अन्य वैरिएंट बिक्री बढ़ाने में मददगार साबित हो रहे हैं। 4. चॉकलेट पर खर्च बढ़ने के साफ संकेत – उत्तर भारत में चॉकलेट की बिक्री इस साल 35-40% तक बढ़ रही है। पश्चिम और पूर्वी क्षेत्रों में भी चॉकलेट की मांग दोहरे अंकों (10% से ज्यादा) में बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई बाजार में चाय से ज्यादा चॉकलेट बिक रहे हैं। 5. चाय की जगह कॉफी बनी नई पसंद – उत्तरी और पूर्वी भारत में कॉफी की बिक्री सालाना 15-20% और पश्चिम भारत में 7-8% की दर से बढ़ रही है। यह उपभोक्ताओं के चाय से कॉफी की तरफ शिफ्ट होने का संकेत है। 6. सिगरेट की कीमतें बढ़ीं तो खपत घटने लगी – फरवरी-मार्च में कीमतें 25-35% बढ़ने के बाद से सिगरेट की मांग 5-6% घट गई है। लोग पैसे बचाने के लिए अब कम सिगरेट पीने लगे हैं। ऐसे में कंपनियां कीमत कम रखने के लिए कम लंबाई वाली सिगरेट ला रही हैं। 7. नकली सिगरेट का कारोबार 25% तक पहुंचा – रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अवैध और नकली सिगरेट का बाजार 20-25% तक पहुंच चुका है। कीमतों में तेज बढ़ोतरी होने से इस बिजनेस को अतिरिक्त ग्रोथ मिल रही है।



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