'कोमा से बाहर आया तो परिवार को नहीं पहचान पाया':रोहतक में रेसलर को केमिस्ट ने गलत इंजेक्शन लगाया, बोला- ओलिंपिक खेलने का सपना था
![]()
मेरा सपना ओलिंपिक में देश के लिए खेलने और मेडल जीतने का था, लेकिन एक गलत इंजेक्शन ने सब कुछ बदल दिया। कोमा से बाहर आया तो अपने परिवार तक को नहीं पहचान पाया। अब नेशनल भी नहीं खेल पाऊंगा। यह कहना है राजस्थान के सीकर निवासी नेशनल रेसलिंग खिलाड़ी विजय कुमार लांबा का। विजय का आरोप है कि रोहतक में हल्का बुखार होने पर मेडिकल स्टोर संचालक ने उन्हें गलत इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही वह बेहोश होकर गिर पड़े और चार दिन तक कोमा में रहे। अब तबीयत में कुछ सुधार होने पर उन्होंने पुलिस को बयान देकर मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला… हल्का बुखार हुआ तो मेडिकल स्टोर पहुंचे राजस्थान के सीकर जिले के नीमका थाना क्षेत्र निवासी विजय कुमार लांबा रोहतक के गुरु मेहर सिंह अखाड़े में प्रैक्टिस करते हैं। विजय के अनुसार, 11 मार्च को उन्हें हल्का बुखार हुआ, जिसके बाद वह देव कॉलोनी स्थित एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेने पहुंचे। उनका आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक सोनू गुज्जर ने उन्हें एक इंजेक्शन लगा दिया, जिसके तुरंत बाद उनकी हालत बिगड़ गई। इंजेक्शन लगते ही बेहोश होकर गिर पड़े विजय का कहना है कि इंजेक्शन लगते ही वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। गिरने से उनका एक दांत टूट गया और कंधे में भी चोट आई। साथी खिलाड़ी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां वह चार दिन तक कोमा में रहे। होश आने पर वह किसी को पहचान नहीं पा रहे थे। 15 दिन अस्पताल में भर्ती रहे, अब भी आते हैं दौरे विजय के साथियों ने घटना की सूचना उनके परिवार को दी। वह करीब 15 दिन तक एक निजी अस्पताल में भर्ती रहे। इस दौरान वह अपने परिवार के सदस्यों तक को नहीं पहचान पा रहे थे। बाद में उन्हें दौरे आने लगे। दवाइयों से उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ है और अब वह परिवार के कुछ लोगों को पहचानने लगे हैं, लेकिन अभी भी उन्हें दौरे पड़ रहे हैं। डॉक्टर ने बताया- ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन विजय का आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने उन्हें Atracurium नाम का इंजेक्शन लगाया था। बाद में जब उन्होंने डॉक्टरों को इसकी जानकारी दी तो पता चला कि यह मांसपेशियों को शिथिल करने वाली दवा है। इसका उपयोग ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया के साथ या आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों की मांसपेशियों को आराम देने के लिए किया जाता है। चार बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं विजय विजय ने बताया कि वह राजस्थान के स्टेट चैंपियन हैं और चार बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। वह कई बार नेशनल प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुके हैं। हाल ही में उनका चयन खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए हुआ था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण अब वह उसमें भाग नहीं ले सकेंगे। कुछ दिन बाद होने वाली नेशनल प्रतियोगिता भी उनसे छूट सकती है। ‘ओलिंपिक का सपना टूटता नजर आ रहा’ विजय का कहना है कि उनका सपना ओलिंपिक में देश के लिए पदक जीतने का है, लेकिन गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद वह अपना खेल जारी नहीं रख पा रहे हैं। उनका आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक की लापरवाही ने उनके करियर को संकट में डाल दिया है। अब पुलिस को दिए बयान विजय ने बताया कि घटना के बाद पीजीआई थाना पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन उस समय उनकी हालत ठीक नहीं थी, इसलिए बयान दर्ज नहीं हो सके। अब स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्होंने पुलिस को बयान दर्ज कराए हैं और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। SHO बोले- 15 मार्च को केस दर्ज किया था PGI थाना SHO नवीन ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ लापरवाही की शिकायत मिलने पर 15 मार्च को मामला दर्ज किया गया था। अब पीड़ित के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Source link