India Social Media Rules | Meta YouTube X Liability Changes Expected
नई दिल्ली12 मिनट पहले
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केंद्र सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा खत्म करने पर विचार कर रही है। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और X शामिल हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, IT मंत्रालय ने भारत के सोशल मीडिया नियमों में बड़े बदलाव पर चर्चा शुरू की है। प्रस्ताव के तहत यूजर्स की पोस्ट के लिए प्लेटफॉर्म्स को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
सरकार सेफ हार्बर सुरक्षा को सिर्फ इंटरनेट और टेलीकॉम कंपनियों या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स तक सीमित करने पर विचार कर रही है। अभी यह सुरक्षा सोशल मीडिया कंपनियों को भी मिलती है।
अभी सेफ हार्बर IT Act की धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा है। इसके तहत इंटरनेट कंपनियों को यूजर्स की पोस्ट, वीडियो और कमेंट के लिए सीधे जिम्मेदार नहीं माना जाता।

सुरक्षा की वजह से बढ़ा मेटा और गूगल का कारोबार
इंडिया एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सुरक्षा ने मेटा, गूगल और X जैसी कंपनियों को यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर बड़े कारोबार खड़े करने में मदद की है। उन्हें हर पोस्ट, वीडियो या कमेंट की कानूनी जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ती।
सरकार के एक वर्ग का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब सिर्फ जानकारी पहुंचाने वाले माध्यम नहीं हैं। वे एल्गोरिदम से कंटेंट की रैंकिंग, सिफारिश और पहुंच तय करते हैं।
ये प्लेटफॉर्म अपनी कम्युनिटी गाइडलाइन के आधार पर पोस्ट हटाते या सीमित करते हैं। ये नियम कई बार भारतीय कानूनों से अलग हो सकते हैं।

इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने के आरोप
इससे पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिल्ली पुलिस को उन आरोपों की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया था, जिनमें कहा गया था कि Meta के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के जरिए भारत में चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) को बढ़ावा दिया गया।
NHRC ने पुलिस को यह भी जांचने का निर्देश दिया था कि क्या टेक कंपनी और दूसरे संबंधित पक्षों ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (POCSO) एक्ट के तहत अनिवार्य रिपोर्टिंग से जुड़ी जिम्मेदारियों का पालन किया था।
BBC रिपोर्ट- Meta पर सस्ते में मिल रहा यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट

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