Nepal-Tibet Border Landslide & Flood Disaster
काठमांडू6 मिनट पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ नेपाल से रमेश पोख्रेल
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नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ में 160 लोगों की मौत हो गई। नेपाल में 157 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई, जबकि 844 लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ में 19 पुल, करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए।
बाढ़ का पानी करीब 30 फीट तक ऊपर आ गया था। तेज बहाव में घर, गाड़ियां और सरकारी ढांचे बह गए। शुरुआत में माना जा रहा था कि बाढ़ से पहले भूकंप आया था, लेकिन अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक चीन की तरफ ल्हेंदे नदी में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर गिरा था।
इसी लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। इसके बाद ल्हेंदे नदी से पानी और मलबे का सैलाब भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंचा, जिससे बाढ़ आई। बहाव इतना तेज था कि लोगों और मलबे को करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक बहा ले गया, जहां अब तक 33 शव बरामद किए गए हैं।
राहतकर्मी खराब मौसम और टूटे रास्तों के बीच मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालु भी बाढ़ की चपेट में आ गए। नेपाल में लापता लोगों में 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं, जिनमें 133 भारतीय और 37 NRI भी हैं।

तिब्बत से नेपाल में घुसा बाढ़ का पानी- 3 तस्वीरें

तिब्बत-चीन सीमा पर ग्यिरोंग पोर्ट के इमिग्रेशन कॉम्प्लेक्स में लोग खतरे को देखकर भागते नजर आ रहे हैं।

अचानक आई बाढ़ के दौरान मिट्टी और पानी का तेज बहाव घुसता हुआ। पानी इमिग्रेशन कॉम्पलेक्स के ऊपर से आता हुआ दिख रहा है।

बाढ़ का पानी इतनी तेज रफ्तार से आया कि लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने तक का मौका नहीं मिला।
जान बचाने की जद्दोजहद- 2 तस्वीरें

मलबे का तेज बहाव तेजी से नीचे की ओर बढ़ा। लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आए।

30 फीट ऊंची लहरें उठ रही थीं। लोग जान बचाने घर की तीसरी-चौथी मंजिल पर चढ़ गए।
लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जितना झटका
बुधवार सुबह 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास, काठमांडू के उत्तर में तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था।
इसी दौरान पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ टूटकर नीचे गिरा और ल्हेंदे खोला नदी में जा गिरा। यह नदी भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है, जो चीन से निकलकर गहरी घाटियों से होते हुए नेपाल में प्रवेश करती है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ से ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा हो सकता है। हालांकि, इस घटना की असली वजह का पता लगाने में अभी कई हफ्ते लग सकते हैं।
बाद में USGS ने साफ किया कि यह भूकंप नहीं था। दरअसल, पहाड़ से हुआ लैंडस्लाइड इतना शक्तिशाली था कि उससे 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर झटका पैदा हुआ। यानी पहले भूकंप नहीं आया था, बल्कि लैंडस्लाइड की वजह से भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ था।


भारत में कहां-कितना असर होगा
भारत में इसका असर मुख्य रूप से बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी छोटी-बड़ी नदियों में दिखने की आशंका है। नेपाल से करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट है।
पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में खास सतर्कता बरती जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर पर भी नजर है।
नेपाल का पानी त्रिशूली नदी से होते हुए गंडक तक पहुंचेगा। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी बढ़ सकता है। यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर में भी अलर्ट जारी किया गया है।

खबर से जुड़े पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
19 मिनट पहले
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ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा
कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर काठमांडू लौट रहे ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। फाउंडेशन के मुताबिक, समूह ने तिब्बती इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। सुबह 9:05 बजे समूह के लीडर प्रवीण से आखिरी बार बात हुई थी। करीब 10 मिनट बाद दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
ईशा फाउंडेशन से जुड़ी मां गंभीर ने बताया कि बाढ़ के बाद कम्युनिकेशन ठप हो गया है। उन्होंने कहा कि घटना से पहले किसी तरह की चेतावनी या खतरे का संकेत नहीं मिला था और सब कुछ सामान्य था।
11:48 PM26 अगस्त 2026
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नेपाल में बाढ़ के बाद का मंजर और रेस्क्यू की 5 तस्वीरें





11:46 PM26 अगस्त 2026
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नदी किनारे रहने वालों को खतरा बरकरार
नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन ने चेतावनी दी है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के इलाकों में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। चीन की ओर नदी के रास्ते में बनी झील अभी पूरी तरह खाली नहीं हुई है।
लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। नेपाल में पिछले साल भी भोटेकोशी नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई थी। नेपाल-चीन को जोड़ने वाला मितेरी पुल भी बह गया था।
11:42 PM26 अगस्त 2026
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नेपाल में रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, 11 टीमें तैनात
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान रातभर जारी रहा। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, 11 टीमों ने रात में भी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
आज सुबह बड़ी संख्या में लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला जाएगा। इसके अलावा बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा।

नेपाल के नुवाकोट जिले में रेस्क्यू टीम ने एक व्यक्ति को खुदाई करने वाली मशीन की मदद से सुरक्षित निकाला।
11:27 PM26 अगस्त 2026
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सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही
नेपाल के खड्ग भंज्यांग इलाके की 23 अगस्त और 26 अगस्त 2026 की सैटेलाइट तस्वीरें, जिनमें बाढ़ से पहले और बाद का फर्क दिख रहा है।


11:26 PM26 अगस्त 2026
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403 लोग लापता, इनमें 341 विदेशी नागरिक; सबसे ज्यादा भारतीय
अचानक आई बाढ़ में नेपाल और 24 अन्य देशों के कुल 403 लोग लापता हैं। सरकार की तरफ से जारी लिस्ट के मुताबिक, इनमें 341 विदेशी नागरिक और 62 नेपाली शामिल हैं। सबसे ज्यादा भारत के 133 नागरिक लापता हैं।

11:24 PM26 अगस्त 2026
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भारत ने भेजी 10 टन राहत सामग्री
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के बीच भारत ने 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी दवाइयां भेजी हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना का C-130J विमान राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंच गया है।
इसमें अस्थायी टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल हैं। जयशंकर ने कहा कि राहत अभियान के लिए भारत की ओर से और मदद जुटाई जा रही है।

भारत से इमरजेंसी सामान लेकर भारतीय वायुसेना का कार्गो विमान काठमांडू के त्रिभुवन एयरपोर्ट पहुंचा।

यहां से इन सामग्रियों को नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान में किया जाएगा।
10:57 PM26 अगस्त 2026
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नेपाल से जुड़ी 9 बड़ी आपदाएं

