August 22, 2026

UN में पहली बार महिला चीफ बन सकती है:रेस में अभी 8 दावेदार, इनमें 5 महिलाएं; गुयाना की बिर्केट सबसे आगे

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संयुक्त राष्ट में अगला महासचिव चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को हुई दूसरे दौर की अनौपचारिक वोटिंग में गुयाना की कैरोलिन रोड्रिग्स बिर्केट सबसे आगे हैं। वहीं दूसरे पायदान पर कोस्टा रिका की रेबेका ग्रिन्सपैन हैं। महासचिव बनने की रेस में इस समय कुल 8 दावेदार हैं। इनमें 5 महिलाएं हैं। यानी UN के 80 साल के इतिहास में यह पहली बार हो सकता है जब कोई महिला महासचिव बने। संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा महासचिव एंतोनियो गुटेरेस का दूसरा पांच साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को खत्म होगा। अब उनके बाद अगला महासचिव चुना जाना है। UN महासचिव का चुनाव कैसे होता है? महासचिव बनने के लिए UNSC के स्थायी सदस्यों का साथ जरूरी विकसित देशों से अब तक क्यों महासचिव नहीं बना ? 1. क्षेत्रीय संतुलन: UN में लंबे समय से कोशिश रही है कि महासचिव का पद दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों को बारी-बारी से मिले, ताकि किसी एक इलाके का दबदबा न लगे। 1997 में महासभा ने भी कहा था कि महासचिव चुनते समय अलग-अलग क्षेत्रों को मौका देने और महिला-पुरुष बराबरी का ध्यान रखा जाना चाहिए। हालांकि यह कोई पक्का नियम नहीं है। 2. निष्पक्ष चेहरा: UN महासचिव को पूरी दुनिया का निष्पक्ष चेहरा माना जाता है। अगर अमेरिका या चीन जैसी बड़ी ताकत का कोई सीनियर नेता महासचिव बन जाए, तो दूसरे देशों को लग सकता है कि UN पर उस देश का प्रभाव बढ़ गया है। 3. विकासशील देशों का बढ़ता असर: UN महासभा में 193 देश हैं और इनमें एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई विकासशील देश शामिल हैं। इसलिए इन देशों की कोशिश रहती है कि UN का प्रमुख सिर्फ पश्चिमी देशों का प्रतिनिधि न लगे। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि विकसित देशों के उम्मीदवारों को मौका नहीं मिलता। 1991 में कनाडा, नीदरलैंड और नॉर्वे जैसे विकसित देशों के उम्मीदवार भी मैदान में थे। 2016 में पुर्तगाल के एंतोनियो गुटेरेस महासचिव बने, जबकि उस समय पूर्वी यूरोप को मौका देने की काफी मांग थी। 2006 में शशि थरूर भी भारत से दावेदार रहे भारत के सांसद शशि थरूर भी UN महासचिव पद के दावेदार रह चुके हैं। 2006 में मनमोहन सिंह सरकार ने उन्हें UN महासचिव पद के लिए उम्मीदवार बनाया था। थरूर 1978 से UN में काम कर रहे थे। भारत ने उनके लंबे UN अनुभव और अंतरराष्ट्रीय मामलों की समझ को उनकी ताकत बताया। साथ ही, भारत ने कहा कि अब अगला महासचिव एशिया से होना चाहिए। भारत ने दुनियाभर में थरूर के लिए समर्थन जुटाया। मनमोहन सिंह ने कई देशों के नेताओं को पत्र लिखे, जबकि थरूर ने खुद भी अलग-अलग देशों के नेताओं से मुलाकात की। हालांकि, वे महासचिव नहीं बन सके। अनौपचारिक वोटिंग में थरूर दूसरे नंबर पर रहे, जबकि दक्षिण कोरिया के बान की-मून लगातार सबसे आगे रहे। —————— यह खबर भी पढ़ें… संयुक्त राष्ट्र में इजराइली राजदूत ने UN अफसर को फटकारा:यौन हिंसा से जुड़ी रिपोर्ट में इजराइल का नाम आने से नाराज थे संयुक्त राष्ट्र (UN) में शुक्रवार को एक बैठक के दौरान इजराइल के राजदूत डैनी डैनन और UN महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के बीच तीखी बहस हो गई। पूरी खबर पढ़ें…



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