August 14, 2026

Trump Iran Threat | Turkiye NATO Summit Security Alert & Plane Change

0
cover_1786565409343.jpg


वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प 7 जुलाई को तुर्किये के अंकारा में NATO समिट में शामिल हुए थे। - Dainik Bhaskar

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प 7 जुलाई को तुर्किये के अंकारा में NATO समिट में शामिल हुए थे।

नाटो समिट के दौरान ट्रम्प की लोकेशन तक ईरानी एजेंट पहुंच गए थे। अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी इंटेलिजेंस का आकलन है कि ईरानी एजेंटों को ट्रम्प के ठहरने वाली इमारत ही नहीं, बल्कि उनका फ्लोर भी पता था।

इसे ट्रम्प की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना गया। इसके बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी पूरी यात्रा का प्लान बदल दिया और उन्हें दूसरे विमान से रवाना किया।

ट्रम्प ने भी मंगलवार को इस घटना की पुष्टि की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस विमान से वे तुर्किये पहुंचे थे, उसी पर हमले का सबसे ज्यादा खतरा था। यही वजह थी कि उनकी वापसी के लिए दूसरे विमान का इंतजाम किया गया।

ट्रम्प ने बताया कि उन्हें एयरपोर्ट के कैटरिंग ट्रक में बैठाकर चुपचाप दूसरे विमान तक ले जाया गया। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि एयरपोर्ट पर मौजूद किसी भी व्यक्ति को उनकी आवाजाही की भनक न लगे।

ट्रम्प पुराने एयरफोर्स वन में दाखिल हुए

एयरफोर्स वन के पीछे एक केटरिंग ट्रक नजर आ रही है

ट्रम्प के खिलाफ खास खतरे की जानकारी मिली

रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रम्प को ले जाने वाले किसी भी विमान पर जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से हमला किया जा सकता था।

अमेरिकी इंटेलिजेंस को पता चला कि नाटो समिट के आसपास एक व्यक्ति को कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल के साथ भी देखा गया था।

इसके बाद सीक्रेट सर्विस और सीनियर अधिकारियों ने ट्रम्प को तुर्की से निकालने के लिए ऑपरेशन तैयार किया।

कतर के गिफ्ट किए प्लेन में बैठकर गए, मिलिट्री प्लेन से लौटे

इससे पहले वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया था कि 8 जुलाई को अंकारा से रवाना होते समय ट्रम्प कैमरों के सामने बोइंग 747-8 एयर फोर्स वन में सवार हुए थे। यह विमान उन्हें कतर ने गिफ्ट किया था।

इसके बाद एयरपोर्ट पर सामान और खाना पहुंचाने वाली केटरिंग गाड़ी की मदद से उन्हें चुपचाप अमेरिकी वायुसेना के वीआईपी सैन्य विमान C-32A तक ले जाया गया।

वॉशिंगटन पोस्ट को मिले वीडियो में केटरिंग गाड़ी को पुराने एयरफोर्स वन के पास से निकलकर छोटे विमान की तरफ जाते देखा जा सकता है।

वॉशिंगटन पोस्ट को मिले वीडियो में केटरिंग गाड़ी को पुराने एयरफोर्स वन के पास से निकलकर छोटे विमान की तरफ जाते देखा जा सकता है।

मीडिया को भी नहीं पता था कि ट्रम्प दूसरे विमान में हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति जब भी किसी दौरे पर जाते हैं, तो उनके साथ कुछ पत्रकार भी यात्रा करते हैं। सुरक्षा कारणों से हर जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, लेकिन इन पत्रकारों को इतना जरूर पता होता है कि राष्ट्रपति किस विमान में हैं और कहां जा रहे हैं।

तुर्किये से उड़ान भरते समय पत्रकारों को लगा कि ट्रम्प भी उसी पुराने एयर फोर्स वन में हैं, लेकिन हकीकत अलग थी।

उड़ान के दौरान पत्रकारों को अपनी खिड़कियों के शेड नीचे रखने को कहा गया। यानी उन्हें बाहर देखने की इजाजत नहीं थी।

ऐसी सावधानी आमतौर पर तब बरती जाती है, जब विमान किसी खतरे वाले इलाके से गुजर रहा हो।

बाद में पत्रकारों ने ट्रम्प से पूछा कि खिड़कियों के शेड बंद रखने को क्यों कहा गया था। ट्रम्प ने कहा, “शायद हम एक खतरनाक फ्लाइट पर थे। उनकी सूची में सबसे ऊपर मेरा नाम है। अगर मैं मरूंगा, तो आप भी मरेंगे।”

ट्रम्प वाला छोटा विमान पहले ब्रिटेन पहुंचा

ट्रम्प को लेकर छोटा C-32A विमान रात करीब 10:20 बजे ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल एयरबेस पहुंचा। इसके कुछ मिनट बाद पुराना एयरफोर्स वन भी वहां पहुंच गया। इस विमान में पत्रकार सवार थे।

इसके बाद उन्हें चुपचाप पुराने एयर फोर्स वन में लाया गया। कुछ देर बाद वे उसी विमान से उतरते दिखे, जिससे पत्रकारों को लगा कि वे पूरी यात्रा उसी में कर रहे थे।

हालांकि, यह साफ नहीं है कि C-32A से उतरने के बाद ट्रम्प पुराने एयरफोर्स वन तक कैसे पहुंचे। ट्रम्प ने पत्रकारों की तरफ हाथ हिलाया, लेकिन उनसे बात नहीं की।

इसके बाद फिर वे आधिकारिक प्लेन यानी कि एयरफोर्स वन में बैठ गए और उसी से अमेरिका पहुंचे।

ऐसा तरीका पहले भी अपनाया जा चुका है

राष्ट्रपति को खतरे से बचाने के लिए उनके असली सफर को छिपाने का तरीका नया नहीं है। साल 2000 में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन पाकिस्तान गए थे। तब उन्हें एक ऐसे सरकारी विमान से भेजा गया था, जिस पर राष्ट्रपति के विमान की कोई पहचान नहीं थी।

वहीं, उनका असली एयरफोर्स वन दूसरे रास्ते से भेजा गया था, ताकि लोगों को पता न चले कि राष्ट्रपति किस विमान में हैं।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान से मिले विश्वसनीय खतरे के इनपुट के बाद यह पूरा सुरक्षा ऑपरेशन कुछ ही घंटों में तैयार किया गया था। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ समेत कुछ चुनिंदा अधिकारी इसमें शामिल थे।

————————

यह खबर भी पढ़ें…

अमेरिकी अधिकारी बोले- मोदी-ट्रम्प टैरिफ का मुद्दा सुलझाएंगे:कहा- उनके बीच अच्छे संबंध; 5 दिन पहले अमेरिका में भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल पास हुआ था

अमेरिकी राष्ट्रपति के सलाहकार पीटर नवारो ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पीएम मोदी के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। दोनों नेता रूसी तेल से जुड़े 100% टैरिफ के मुद्दे को आपस में सुलझा लेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed