June 19, 2026

RBI Repo Rate Cut | RBI MPC Meeting 2026 June Update; Sanjay Malhotra

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नई दिल्ली1 घंटे पहले

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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग 3 जून से शुरू हो रही है। यह 5 जून तक चलेगी। इसी दिन सभी फैसलों का ऐलान किया जाएगा।

एक्सपर्ट्स के अनुसार इस मीटिंग में ब्याज दरों में कटौती की कम ही उम्मीद है। अप्रैल में हुई मीटिंग में भी रेपो रेट में कटौती नहीं की गई थी।

2025 में चार बार में 1.25% की कटौती

  • फरवरी 2025 में ब्याज दरों को 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया था।
  • मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की ये कटौती करीब 5 साल बाद की गई थी।
  • दूसरी बार अप्रैल में हुई मीटिंग में भी ब्याज दर 0.25% घटाई गई।
  • जून में तीसरी बार RBI में दरों में 0.50% कटौती की थी।
  • दिसंबर में 0.25% की कटौती के बाद ब्याज दरें 5.25% पर आ गई थी।

रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है?

किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का शक्तिशाली टूल होता है। जब महंगाई ज्यादा होती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो कम करने की कोशिश करता है।

पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होने पर डिमांड घटती है और महंगाई कम हो जाती है।

जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है, तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है।

हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग

मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है।

बीते दिनों रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठकों का शेड्यूल जारी किया था। इस वित्तीय वर्ष में कुल 6 बैठकें होनी हैं, ये इस वित्त वर्ष की दूसरी मीटिंग है। पहली बैठक अप्रैल में हुई थी।



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